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मेरे अल्फाज़

दामन पर

Lovely Nihaliya

19 कविताएं

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किसी के दामन पर कीचड़ उछालने से पहले
जरा एक बार सोच लेना
कि कीचड़ उछालने के लिए
सबसे पहले हाथ तुम्हारा ही सनेगा,
किसी के दामन पर तो कीचड़
तुमसे बाद में ही गिरेगा।"

- लवली निहालिया
D/o- Lalman singh Pal
Ghaziabad, Uttar Pradesh


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