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मेरे अल्फाज़

ग़ज़ल

laxmi prasad

50 कविताएं

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ख्वाब में रोज मुझको बुलाया न कर।
मुश्किलों को मेरी तू बढ़ाया न कर।

प्यार रुसवा मेरा हो न जाए कहीं।
महफिलों में मुझे गुनगुनाया न कर।

ख्वाब में फिर मेरे पड़ न जाए खलल।
चूड़ियां जोर से खनखनाया न कर।

रतजगों की सजा बढ़ न जाए मेरी।
देखकर तू मुझे मुस्कुराया न कर।

हो रहा है जुदा हो खुशी से मगर।
गैर को तू गले से लगाया न कर।

लक्ष्मी प्रसाद बडोनी
दर्द गढ़वाली
बडोनी भवन, देवपुरम कालोनी
लोअर तुनवाला, देहरादून
09455485094 


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