आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Maut tujhse mohabbat na ki

मेरे अल्फाज़

मौत तुझसे मोहब्बत न की

Kumar Rishi

105 कविताएं

44 Views
मौत तुझसे मोहब्बत न की
जब कि यकीं था तू ज़रूर आयेगी
ज़िन्दगी तुझसे मोहब्बत की
जब कि पता था तू एक दिन ठुकरायेगी

~कुमार ऋषि

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!