आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Han "tum" aazad ho

मेरे अल्फाज़

हाँ तुम आजाद हो

Kumar Praveen

9 कविताएं

6 Views
मुकम्मल हो तुम अब तो मेरे बिना भी 

हाँ तुम आजाद हो
शायद
आज ये मैं कह सकता हूँ कि
हाँ तुम आजाद हो
अभी कल ही तो
मैं तुम हम
हुआ करते थे पर
हाँ आजाद हो आज तुम

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Your Story has been saved!