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मेरे अल्फाज़

जब तेरी याद आती है

Ksk Aaj

3 कविताएं

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कभी कोई रात नहीं होती
जब तेरी याद नहीं आती
दिन के उजाले का नीला आसमान हो तुम
रात के चांद के साथ सितारे हो तुम
जब तेरी आगोश में समा जाते हैं
दुनिया जहान का ग़म भूल जाते हैं हम
तेरी सांसों में वो जादू है
तेरे साये में वो महफ़ूज हैं दिल
दिल की हर धड़कन तो तुमसे हैं
कितनी गहराई है समंदर की तरह
सुकुन पा लेता है हर रोम-रोम
जीवन का जंतर हो तुम
दुनिया में रहने का मंतर हो तुम
तुम नहीं तो कुछ भी नहीं
जब तेरी याद नहीं आती है
कभी कोई ऐसी सांस नहीं ली
जिसमें तेरा एहसास ना हो
तुम नहीं तो मैं भी नहीं
मांग सजा है तेरी सिंदूर से
कलाईयां भी भरी तेरी लाई चुड़ियों से
पायल की छनछन तुम्हें मेरे होने का एहसास कराती है
कोई पल नहीं जब तेरी याद ना आयी
जीवन जीने का एहसास हो तुम.....


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