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मेरे अल्फाज़

कविता

Kavi Rajesh

67 कविताएं

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राष्ट्रध्वज है ईश जिसका
वो अमर जवान है
सीमा की करे जो रक्षा
वो अमर जवान है

खून देकर माँ भारती बचाता
वो अमर जवान है
जय हिंद रगों में रखता
वो अमर जवान है

वंदेमातरम से गगन गुंजाता
वो अमर जवान है
मौसम की परवाह न जिसे
वो अमर जवान है

रात भर बर्फ में खड़ा रहता
वो अमर जवान है
दुश्मनों को धूल चटाता
वो अमर जवान है

रेत के धोरों पर अडिग रहता
वो अमर जवान है
तिरंगे को नित लहराता
वो अमर जवान है

भारत माँ का सच्चा सिपाही
वो अमर जवान है

- कवि राजेश पुरोहित
  98, पुरोहित कुटी, श्रीराम कॉलोनी,
 भवानीमंडी, जिला- झालावाड़
 राजस्थान,पिन-326502

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