आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Ek dopahar

मेरे अल्फाज़

एक दोपहर

Kanchan Advaita

14 कविताएं

7 Views
एक दोपहर

बरसों पहले भी ऐसी दोपहरें थीं
तब भी वो, भरी दोपहरी में
अमलतास के पीले फूलों में
दहकता था ।
साल दर साल गुजर गए
न जाने कौन से वक्त ने,
कैसे अपने आप को दोहराया है
आज भी वही दोपहर है
आज भी वो भरी दोपहरी में
मेरे सीने पर
किताब सा औंधा पड़ा है
मुझसे मेरी कहानी कहता
बतियाता रहता मुझसे हरदम
आँखें मूंद लेती हूँ तो
बंद पलकों में भी जागता
रहता है मुझ में
ठन्डे जल के घूँट सा
उतरता रहता, रेंगता रहता है
मेरी दहकती देह में
भरी दोपहरी के सूरज सा
कौंधता रहता है मुझ में
सुर्ख लाल गुलमोहर के फूलों में
दहकती दोपहर में भी मुस्कुराता
मुझे बुलाता रहता है
और मैं बेबस
लू के गरम थपेड़ों में
पसीने से लथपथ
पेड़ों की घनी छाँव में
उसका वजूद तलाशती फिरती हूँ ,
आज भी भरी दोपहर में
पेड़ों के सहारे आँखें मूंदे
उसका इंतज़ार करती हूँ
जब ,एक ऐसी ही दोपहर होगी
और ,वो काला मतवाला मेघ बन
मुझ पर बरस जायेगा,
और बरसों से सूखी पड़ी
इस दिल की ज़मीन को भीगा देगा
बरसों पहले भी ऐसी दोपहरें थीं
आज भी,वही दोपहर है......!

-- कंचन अद्वैता

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!