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मेरे अल्फाज़

हमारा संविधान सर्वोत्तम

Jyoti Pandey

13 कविताएं

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इस भुवन में संविधान है अनेक,
किन्तु, हमारे जैसा कोई भी नहीं है एक..

साठ देशों के संविधान को है पढ़ा,
फिर जाके अपना संविधान है रचा,
बहुत ही अनोखा है हमारा संविधान,
जिसमें अधिकार पहले औ' कर्तव्य बाद में हैं मिला।

इस भुवन में संविधान है अनेक,
किन्तु, हमारे जैसा कोई भी नहीं है एक..

उद्देशिका हृदय है संविधान का ,
समानता के भावों के समागम से भरा,
विशालता का परिचय हैं हमारा संविधान,
विश्व की समस्त अच्छी बातों को ग्रहण है किया।

इस भुवन में संविधान है अनेक,
किन्तु, हमारे जैसा कोई भी नहीं है एक..

संविधान सिर्फ पुस्तक ही नहीं वो हम सबका विधाता है,
जिसने सभी को इतने वर्षो से जोड़कर रखा हैं,
अहल-ए-क़लम द्वारा बना हैं हमारा संविधान,
जिसने अनेकता में एकता को संजोकर रखा हैं।

इस भुवन में संविधान है अनेक ,
किन्तु, हमारे जैसा कोई भी नहीं है एक..

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