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मेरे अल्फाज़

ज़िंदग़ी

Jiwan Sameer

47 कविताएं

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कुछ हाल ए दिल
सुनाती है जिंदगी
कुछ मायने सुकून के
गढ़ती है जिंदगी

बहुत कोशिश की है
रूबरू होने की
मगर क्यों मिलने से
कतराती है जिंदगी

वो शोख अदाएं
हसरतों की दुनिया में
बड़ी लुभाती है
अधजली सी ये जिंदगी

जिल्लत भरे दिन हैं
अर्द्ध नग्न सी रातें
बड़ी बेवडी हो गयी है
आवारा सी जिंदगी

कभी गर्मी कभी नरमी
कभी हवाएं बदली सी
मन के धरातल में
धूपछांव सी है जिंदगी

कभी अपने कभी पराये
रिश्ते अजीब से
कौड़ियों के भाव
बिक रही जिंदगी

कोई मसीहा कोई मौला
आकर कह दे
प्यारी सी जन्नत सी हो
मस्त तेरी जिंदगी

कहीं मोती कही बूंद
कहीं सीप है यारो
आओ देखा करें
खुशनसीब सी जिंदगी

- जीवन समीर

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