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मेरे अल्फाज़

उल्फ़त का मेरी तुझ तक असर क्यों नहीं जाता

Iqbal mehdi

121 कविताएं

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उल्फ़त का मेरी तुझ तक असर क्यों नहीं जाता ।
ये एहसास तेरे दिल मे -उतर क्यों नही जाता ।।

तू साथ हो तो लगता है लम्हो की बात थी ।
ये वक़्त तेरे बिन भी गुज़र क्यों नहीं जाता ।।

हर बात अपने दिल की जो मैंने बयान की ।
ये तीर -कलेजे से गुज़र क्यों नहीं जाता ।।

सारे जहान में करी क्या- मैंने मुहब्बत ।
इल्ज़ाम किसी और के सर क्यों नहीं जाता ।।

आएगा लौटकर वो,ये उम्मीद है अब भी ।
ये ख्वाब टूटकर के बिखर क्यों नहीं जाता ।।

तू जा तो चुका है मेरी महफ़िल को छोड़कर ।
जाना था तुझें दिल से मग़र क्यों नहीं जाता ।।

उसके सिवा भी है तेरी लोंगो को ज़रूरत ।
मेंहदी'तू कभी लौट कर घर क्यों नहीं जाता ।।

इक़बाल मेंहदी काज़मी
किच्छा ऊधम सिंह नगर
उत्तराखंड 263148
7017848163   



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