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मेरे अल्फाज़

स्वाभाविक है

इमरान खान

3 कविताएं

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स्वाभाविक है !
उन शब्दों का विकसित होना
जिसके मूल में कवितायें जन्म लेती हैं !
कविता जीवन है ,
या जीवन कविता है ,
जिसके अंतस में कवि खुद को रचनात्मक बनाता है !
दो पंक्तियों के बीच का मोन है कविता ,
कवि के हृदय की पीड़ा है कविता ,
रत्नाकर से वाल्मिकी बनने का सफर है कविता !


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