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मेरे अल्फाज़

होली आयी बहन भाई

राजीव नंदन

14 कविताएं

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होली आयी बहन भाई,
दुनिया रंगों में नहाई,
गीले शिकवे भुला सबको
गले लगाने की घड़ी आई..

प्रह्लाद को जलाने होलिका गोद मे बिठाई,
प्रह्लाद ने प्रभु चरण में ध्यान लगाई,
चादर हवा के झोकों से उड़ जाई,
ख़ुद होलिका अग्नि में जल जाई,
तब नई ऊर्जा संसार मे आई,
होली आयी बहन भाई..

ब्रज में राधा डाले कृष्ण पे रंग,
गोपियां भी झूमें रंगा के मोहन के रंग,
घर-घर महके खुशियों की तरंग,
कितना प्यारा लगे जब सब हो संग ही संग
अब हो ना किसी की लड़ाई,
होली आयी बहन भाई.. आगे पढ़ें

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