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मेरे अल्फाज़

हौंसला

Harsha Harsh

4 कविताएं

32 Views
अपने हौंसलों की ताकतों की आजमाईश करता रहा,
आशियाना छीन ना जाए मासूम परिंदों से कहीं,
वो शजर आंधीयों से ये गुजारिश करता रहा।
From :- [email protected]


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