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Zindagi Kitni Khoobsurat hai

मेरे अल्फाज़

जिन्दगी कितनी खूबसूरत है

Gyaneshwar Anand

27 कविताएं

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जिन्दगी कितनी खूबसूरत है
तुमसे मिलकर ही मुझको लगा
कि ज़िंदगी कितनी खूबसूरत है
वैसे तो कितने ही हसीं थी मगर
आपसे बढ़कर कौन खूबसूरत है
सूरतों का क्या होंगी बहुत सी
दिल नहीं तुझसा कोई खूबसूरत है
मैंने तो कभी सोचा ही नहीं था
के मुझको हासिल वो खूबसूरत है
आनन्द पाया है मैंने दिल से अभी
ग़म कहाँ रहता जहाँ खूबसूरत है
बुझ सकता नहीं मोहब्बतों का चिराग
मेरे पास तेरा प्यार खूबसूरत है

ग़ज़लकार :-
ज्ञानेश्वरानन्द भारती
किरतपुर (बिजनौर)
9719677533

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