तिरंगा : एक कफ़न

                
                                                             
                            गीत))
                                                                     
                            
तिरंगा : एक कफ़न || गोलेन्द्र पटेल

ऐ वीर शहीद-त्रयी
तुम्हें सादर नमन ! || टेक ||

ऐ मेरे वतन के जन
शरहद पर मरने वाले
पाते हैं
तिरंगा : एक कफ़न

तन अर्पण
मन अर्पण
जीवन अर्पण करने वाले
भारत में
लेते रहें जनम
और सदैव
खिलते रहें
शौर्य के सुमन

फाँसी की बचपन में
नानी से सुनी कहानी
मेरी आँखों में है पानी
धन्य है तेरी जवानी
धन्य है तेरी कुर्बानी
धन्य है अंतिम वचन

©गोलेन्द्र पटेल
मो.नं. : 8429249326,ईमेल : [email protected]

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1 month ago
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