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It's not necessary

मेरे अल्फाज़

ये ज़रूरी तो नही

Gobind Ji

4 कविताएं

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तुम मुझसे टुट कर इश्क करो, तो मैं भी वही करूं
ये जरूरी तो नही

तुम एक मुस्कान मेरे नाम कर दो, तो मै भी वही करू
ये जरूरी तो नही

तुम हजारो को छोड़कर मुझे चाहने लगो, तो मै भी वही करूं
ये जरूरी तो नही!

तुम अपनी खुशी और ददॆ का इजहार मुझसे करो, तो मै भी वही करूं
ये जरूरी तो नही

तुम एक दिन मेरे लिए सुबह से शाम कर दो, तो मै भी वही करूं
ये जरूरी तो नही

तुम मुझे पाने के लिए मेरी तरह बन जाओ, तो मै भी वही करूं
ये जरूरी तो नही

- कविता लेखक: गोविंद जी राय
शोधकर्ता, रसायन विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

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