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मेरे अल्फाज़

क्यों उदास चेहरा

Ghanshyam Bairagi

172 कविताएं

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क्यों उदास है,
खिलता हुआ चेहरा।
तुम्हारी गम पे,
मैं कुर्बान जाऊँ।।
एक मुस्कुराहट,
दिखा भी दो अब तो।
तड़प है दिल में,
कुछ कर-गुजर न जाऊँ।।
एक मुस्कुराहट ही,
जिंदा रखा था हमको।
इसी चेहरे पर,
खिलते गुलाब की तरह।।
इस चेहरे ने ही तो,
जिंदा रखा है इतने दिन।
कहीं अब ये जिंदगी,
बेजार हो ना जाए।।
क्या गम है,
अब तो बता भी दो यार।
उजड़ा हुआ चमन,
अब खिल-खिला भी दो यार।। 


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