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मेरे अल्फाज़

आज भी मुझे तुमसे ही प्यार क्यों है?

gauri sharma

11 कविताएं

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मैंने कह तो दिया कि तुम्हें जाने को
फिर मुझे तेरे आने का इंतजार क्यों है?

मैंने कह तो दिया तुम कुछ नहीं मेरे
फिर मुझे तुमसे ही लगाव क्यों है?

मैंने कह तो दिया तेरी बातें बेअसर हैं मुझ पर
फिर मुझे तेरी खामोशी पर एतराज क्यों है?

मैंने कह तो दिया तेरे होने का फर्क नहीं पड़ता मुझे
फिर तेरे ना होने पर मेरी आंखों में पानी क्यों है ?

मुझे बेइंतहा चाहने वाले
बिन कहे बहुत कुछ समझने वाले
शब्दों के मायाजाल में उलझकर
मुझे छोड़कर जाने वाले
बिना खता के सजा सुनाने वाले
मुझे ये तो बता

कि
आज भी मुझे तुमसे ही प्यार क्यों है?
क्यों है?
क्यों है?

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