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मेरे अल्फाज़

दो-दो नन्ही परी

GAURAV LALWANI

11 कविताएं

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आपके घर आंगन आई खुशिया बड़ी,
चहकेगी बन के प्यारी गुड़िया जैसे सोनपरी,
भाग्य लक्ष्मी का मिला प्रसाद आपको हर घड़ी,
तभी तो घर आंगन में आई दो-दो नन्ही परी

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