ह्रदय की वेदना को

                
                                                             
                            ह्रदय की वेदना को
                                                                     
                            
मन की संवेदना को
जो व्यक्त कर सके
जो विभक्त कर सके
पीड़ा की मूकता को
रिश्तों की चूकता को
वो शब्द ढूंढने हैं
वो निःशब्द ढूंढने हैं
समझा सकूं स्वयं को
वो विकल्प ढूंढने हैं।

- डाॅ फौज़िया नसीम शाद


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8 months ago
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