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मेरे अल्फाज़

तुम हो तो

DrBharti Mohan

9 कविताएं

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तुम हो तो मौसम है
तुम हो तो होली है
तुम हो तो दीवाली है
तुम हो तो मेरे त्यौहार हैं।
तुम तो हंसा देते हो तुम हो तो मना लेते हो
तुम हो तो जीवन दिखता है, तुम बिन तो सूना लगता है।
तुम ही मेरे सासो के संगीत हो, तुम्हीं मेरी हार पे जीत हो।
कहां तक बताऊं कि तुम मेरे क्या हो।
तुमसे चलती है मेरी दुनिया
तुम्हीं चिरंतन प्रीत हो
तुम्हीं मेरे ओंठों की कम्पन
तुम्ही तो कजरे की धार हो।
सुन रहे हो ना प्रियतम
तुम हो तो मेरे श्रृंगार हैं।
- भारती

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