नारी के हर रूप को सम्मान दीजिएगा

                
                                                             
                            इस तरह फ़र्ज़ को अंजाम दीजिएगा।
                                                                     
                            
नारी के हर रूप को सम्मान दीजिएगा।।

तुम से नहीं उससे अस्तित्व है तुम्हारा।
हृदय से इस सत्य को स्वीकार लीजिएगा।।

जो अंजाम देखना है तो इतिहास देखिएगा।
भूल कर भी नारी का न अपमान कीजिएगा।।

खुल कर अभिव्यक्त वो खुद को कर सके।
संकीर्णता से मुक्त उसे संसार दीजिएगा।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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1 month ago
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