ज़िंदगी से कम भी नहीं

                
                                                             
                            मैं तुझको पाऊं या खो दूं
                                                                     
                            
मुझे ये ग़म भी नहीं ।
तू ज़िंदगी न सही
ज़िंदगी से कम भी नहीं ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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1 month ago
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