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मेरे अल्फाज़

वफ़ा नहीं करते

Dr fouzia

286 कविताएं

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कोई उम्मीद हम नहीं करते।
आप अहदे वफ़ा नहीं करते।
गर ज़रूरी थे ज़िन्दगी के लिए,
आप खुद से जुदा नहीं करते।
मेरा होना अज़ीज़ है शायद,
आप इतनी दुआ नहीं करते।
फैसला छोड़ते मुकद्दर पे,
आप रस्मे अदा नहीं करते।

- डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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