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मेरे अल्फाज़

मन के भाव

Dr fouzia

286 कविताएं

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कुछ मूक है
मन के भाव
क्यों स्पष्ट नहीं होते
ह्रदय की परिभाषा में
क्यों व्यक्त नहीं होते
असुअन से मेरे नैना
क्यों रिक्त नहीं होते
शब्दों की पीड़ा में
अभिव्यक्त नहीं होते
स्पन्न मेरी आंखों के
क्यों पूर्ण नहीं होते ।

- डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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