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ATAL

मेरे अल्फाज़

अटल...

Dinesh Pratap

216 कविताएं

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देश की घटिया राजनीति में,खिला कमल सा
गंदे नालों में ,सुरसरि के निर्मल जल सा
आते हैं जाते हैं नेता,राजनीति में कितने पर
नहीं मिलेगा नेता कोई ,कभी अटल सा।

आसमान में लाखों तारे,ध्रुव तारे सा कोई नहीं ,
बेहतर होगें हमसे लेकिन ,देश हमारे सा कोई नहीं ,
राजनीति की तवारीख में ,और भी कई महान हुए ,
लेकिन देश की राजनीति में,अटल तुम्हारा सा कोई नहीं।

दिनेश प्रताप सिंह चौहान

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