आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Aaap is Mulk men Kis Ujaale Ki Baat Karte Hain

मेरे अल्फाज़

आप इस मुल्क में किस उजाले की बात करते हैं...

Dinesh Gupta

39 कविताएं

10 Views
आप इस मुल्क में किस उजाले की बात करते है,
यहाँ तो अँधेरे रौशनी से मिलकर बात करते है

कोई मज़हब नहीं है देश के गद्दारों का
आप व्यर्थ में जात पात करते है

इस शहर का मौसम भी कुछ अजीब है
बादल भी यहाँ घर देखकर बरसात करते है

बेवजह ही चिंतित है आप देश के हालात पे
यहाँ तो रोज़ सड़को पर जज़्बात मरते है

जो मिल लिए ज़माने भर से तो आइये
ज़रा ख़ुद से मुलाकात करते है !

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।

 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!