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मेरे अल्फाज़

किताब

Dileep Kumar

2 कविताएं

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हर शख्स को एक मुनासिब
खुली किताब होनी चाहिये।
जिससे वह दिल के हर
ख्वाब बयान कर सके।
शर्त बस इतनी सी है कि,
वह किताब कोरी होनी चाहिये।

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