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मेरे अल्फाज़

बतलाओ मुझे

Deepak Bharti

7 कविताएं

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पलकों में छिपाकर अश्कों को
तुम भी मुस्कुराती हो
ज़रा सी बात पर यूं इस तरह
क्यूं रूठ जाती हो
मुझे एक आस है तुमसे
ना कभी तोड़ना वो आस
बतलाओ मुझे, क्या तुम भी
मुझसे यही उम्मीद रखती हो

अगर वादा करूं मैं
ज़िन्दगी भर साथ देने का
तो क्या तुम भी यूं ही बेसब्र होकर
मेरी राह तकती हो

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