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Shanti

मेरे अल्फाज़

शान्ति

Deepa Gupta

34 कविताएं

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शांति मुझे जो मिल जाती

सुंदर विचार पिरो करके

इस मन मंदिर को धो करके

परम् चरम की पूजा करके

कुछ पल चैन से रह पाती।

शांति मुझे जो मिल जाती।

कुछ ये झँझट जीवन के

कुछ तन के और कुछ मन के

इन उथल पुथल विचारों से

अंजान काश मैं रह पाती।

शांति मुझे जो मिल जाती।

जीवन सुंदरतम हो जाये

इस दुनिया को कुछ दे जाए

इन पावन, सुंदर भावों से

नफ़रत को प्यार सिखा जाती।

शांति मुझे जो मिल जाती।

- दीपा संजय

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