आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Computer
Computer

मेरे अल्फाज़

कम्प्यूटर

Deepa Gupta

34 कविताएं

24 Views
मेरा प्यारा सा कम्प्यूटर
लेकर जब आये पापा घर
ख़ुशी से झूम उठा मेरा मन
रोम-रोम में जागा आनंद
इंटरनेट का लिया कनक्शन
सीखे उसके सारे फंक्शन
ज्यों ऑन कर माउस दबाया
चित्र किसी लड़की का आया
खुश हो मैंने उसको देखा
ना वह करिश्मा न थी रेखा
तभी एक मैसेज था आया
मीट मी प्लीज आई एम जया
करनी हैं कुछ तुमसे बातें
हो जाने दो कुछ मुलाकातें
निर्णय तभी शादी का लेंगे
मम्मी पापा से कह देंगे
रहा गया न अब तो मुझसे
जाकर बोला मैं पापा से
शिक्षा के ये नए प्रसाधन
देंगे हमको कैसा जीवन
तय कर पाना नहीं है दुर्लभ
भविष्य बताना नितान्त सुलभ

- दीपा संजय

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!