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jab jab pas rahi tu

मेरे अल्फाज़

जब जब पास रही तू

Chandan Kumar

20 कविताएं

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मैं छोटा-सा बच्चा हूं, तू मेरी खिलौना हो
जब जब पास रही तू ,जी भर तुम्हें चाहा
बहुत प्यार किया
जब खो जाती थी तू ,तुम्हारे लिए मैं बहुत रोया ।

मैं छोटा सा बच्चा हूॅ ,तू मेरी खिलौना हो
जो जी चाहा कह दिया
जब जो मर्जी हुआ , तेरे ऊपर लिख दिया
कभी कुछ न बोली तू
शायद तुम्हें पता है , बिन खिलौने के बच्चे
ज़िन्दा हो कर भी ,ज़िन्दा नहीं रहता
शायद यही सोच कर ,सब कुछ सहते गयी तू
इसी तरह कभी मत टूटना
हर जन्म में, मैं छोटा सा बच्चा
तू ही मेरी खिलौना होना ।।

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