आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   the mther
the mther

मेरे अल्फाज़

हे मां !

BRIJMOHAN SRIVASTAV

26 कविताएं

6 Views
गर्भ नाल से जुड़े जिसकी
कोख से जन्मते हैं हम
पहला शब्द बोलते हैं
मां
साक्षात ईश्वरीय सत्ता
के श्री चरणों में
नमन
उसे कैसे याद करें
जो रक्त वाहनियों
में सदा प्रवाहित है
हे मां तुझे प्रणाम !

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Your Story has been saved!