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मेरे अल्फाज़

सुषमा स्वराज पुण्यतिथि दिवस

बिमल तिवारी

53 कविताएं

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इतनी भी जल्दी जाने की क्या ज़िद है
लौट आओ की अभी हल्दी घाटी बाकी है
अभी तो बनना शुरू हुआ है भारत अपना
सोने की चिड़िया खातिर तेरा काम बाकी है,

तुम दुर्गा हो, तुम शक्ति हो
तुम मर्यादा की प्रतिमूर्ति हो
ये धर्म तेरा है, धाम तेरा है
आसमां पर अब नाम तेरा हैं,

कश्मीर तेरे प्रयासों की बस एक झांकी है
तेरे अथक प्रयासों का फल अभी बाकी है
तेरा काम तेरा ईमान जैसे भारत मां की है
लौट आओ की सिंधु के तट पर शाम बाकी है,

दुनिया में जो नाम देश का
दुनिया में जो काम देश का
विश्व गुरु जो बन रहा है ये
प्रतिफल है बस तेरे वेष का


-- बिमल तिवारी "आत्मबोध"
देवरिया उत्तर प्रदेश


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