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मेरे अल्फाज़

सच और झूठ

Bismillah Misbah

5 कविताएं

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सच और झूठ

किसी का आम सा झूठ मुझे मायूस सा कर देता है,,,,
किसी का सच कह देना
मुझे मासूमियत सा लगता है,,,,
हैरत तब होती है
जब मुकतसर सी बातों पर
झूठ बोला जाता है ,,,,,
और
सचाई को अल्फाज़ों में
बड़ी तहज़ीब से छुपाया जाता,,,,,,
जगहें दिलों में अक्सर सच बनाता है
इंसान यह हकीकत
क्यों भूल जाता है।

-बिसमिल्ला मिसबा


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