बेटे बसे विदेश कमायें घर में बेबस महतारी है

                
                                                             
                            मतलब की दुनिया सारी है
                                                                     
                            
देखो कैसी बीमारी है।।

बेटे बसे विदेश कमायें
घर में बेबस महतारी है।।

सर्दी पूछो उससे जिसने,
नभ नीचे रात गुजारी है।।

निर्धन वंचित उससे जो भी,
बनी योजना सरकारी है।।

धागा बाँधा मंत्र जपे जब,
गुरु पर सुना राहु भारी है।।

शक्ति स्वरूपा है हर बेटी
मत मानो वह बेचारी है।।

पता नहीं इस नश्वर जग में,
कब अगली किसकी बारी है।।

- डाॅ.बिपिन पाण्डेय

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3 years ago

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