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मेरे अल्फाज़

सर्वमंगलकारी हो मंदिर स्थापना

Bijay Bahadur

413 कविताएं

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  कारसेवकों  की  है बलिहारी
  वांछित तिथि आयी मनोहारी 
  राममयी छटा  अति पावन
  पांच अगस्त आया मनोभावन।

370, 35A हटने की वर्षगांठ
मन रही खुशी, मिठाईयां बांट
लड़ने के बाद   लम्बी  लड़ाई
चिर प्रतिक्षित  घड़ी  ये  आईं।

 हजारों  रामभक्त  हुए शहीद
वहीं रामलला, बैठें  इस जिद
संसद से सड़क तक हुई लड़ाई
अपनी-2 भूमिका सबने निभाईं।

कइयों  ने किया मंदिर  विरोध
खड़ा करते रहे, कानूनी अवरोध
राम आस्तित्व  पर  उठा सवाल
मंदिर विरोध में   मचा  बवाल।

संघ परिवार का अथक योगदान
समस्या का मिला विधिमत निदान
मंदिर निर्माण को बनाकर उद्देश्य
जन जागरण से बना सहज परिवेश

राम और रोटी में करना तुलना
आदर्श राज्य की कल्पना भूलना
दैहिक  दैवीक  भौतिक तापा,
 राम राज्य   काहू  नहीं  ब्यापा।'

हो क्रियान्वित, 'रामराज्य' कल्पना
'सर्वमंगलकारी' हो मंदिर स्थापना
हो नहीं मात्र  मंदिर   भूमिपूजन
'समदर्शिता' पाये  राज्य संरक्षण।

बिजय बहादुर तिवारी धूल
स्वरचित व मौलिक
बोकारो झारखंड


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