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मेरे अल्फाज़

प्रदूषण

Bhoop Singh

97 कविताएं

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घर म्ह बालक बंद सै, के बुझोगे बात।
प्रदूषण तै हो रहे, करफ्यू से हालात।
करफ्यू से हालात, बात या बिगड़ी सारी।
करे धुंध नै बंद, स्कूल ये निजि सरकारी।
फैल रहा भारती, जहर हर गाँव नगर म्ह।
प्रदूषण की मार, सुरक्षित कोन्या घर म्ह।

- भूपसिंह 'भारती'


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