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मेरे अल्फाज़

ईश्वर का वरदान , जीवन है मूल्यवान

Bhawna Shah

1 कविता

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जब मॉ बच्चे को जन्म देती है,
बहुत कष्ट और पीड़ा से गुज़रती है।
बच्चे का मुस्कुराता चेहरा देख ,
सब कष्ट भूल जाती है ,
छोटे - छोटे हाथ पॉव से खेलना ,
और उसको लाड़ लड़ाना ,
सब में वो व्यस्त हो जाती है।

दिन महीने निकलते ,
उसको घुटने के बल देख चलते,
पेट के बल पर लेटना, और कमरे में गोल गोल घूमना,
यह सब देख मॉ बाप का ह्रदय बाग़ -बाग़ हो जाना ।

छोटी-छोटी उगली पकड़ कर जब बाबा चलना सिखाते है,
वही मॉ पौष्टिक आहार खिलाकर और शक्तिशाली बनाती है ।

अच्छी तालीम, अच्छे संस्कार देते है हर मॉ बाप,
बच्चे उसको समझकर स्वीकारे तो ही है लाभ ।

दुख-सुख तो हर किसी के जीवन का हिस्सा है,
मुश्किलों से मुक़ाबला करने में ही वीरता है ।

बड़ी से बड़ी मुश्किलें हो जाती है आसान,
यदि तुम अपनी दिल की दबी बातें करो बयान ।
चुप रह कर ना मिलेगा कोई सामाधान ,
और यदि ग़लत संगति में पड़ोगे तो भटक जाएगा ध्यान ।

मरना ही नहीं सब परेशानियों का हल,
कुछ भी क़दम उठाने से पहले सोचो वो पल,
क्या मॉ बाप ना मर जाएँगे उसी पल?

जिसने जन्म दिया उसका क्या है दोष ?
जीवन भर लोगों के तानो का उठाएँगे बोझ,
क्योंकि मरना जितना है आसान,
जीवन संतुष्टि से जीना उतना ही मुश्किल है ,ऐ दोस्त !

आ लौट के आ जा........

ईश्वर का वरदान , जीवन है मूल्यवान ।

भावना शाह


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