चंद्रयान-2

                
                                                             
                            विधा: गीत
                                                                     
                            
शीर्षक: चंद्रयान -2
आधारित छंद: हरिगीतिका

आसमाँ सी ख़्वाहिशों पे, यत्न यह छोटा नहीं है,
नाप लेंगे चाँद को भी, हौसला टूटा नहीं है...

चूकते हैं वो निशाने, तीर जो धनु पर चढ़े हो,
कल मिटेगी अड़चनें भी तुम हिमालय से खड़े हो,
ज्ञान से प्रज्ञान का अनुबंध तो छूटा नहीं है,
नाप लेंगे चाँद को भी हौसला टूटा नहीं है...

राह चलते जो मिली, वह मुश्किलों से, क्या गिला है,
सीखना है भूल से, विज्ञान का यह, सिलसिला है
देश के ओ.. नौजवाँ उठ, भाग ने लूटा नहीं है,
नाप लेंगे लेंगें चाँद को भी, हौसला टूटा नहीं है...

नेक है तेरा इरादा, विश्व का अरमान हो तुम,
हो तिलक माँ भारती का, देश का अभिमान हो तुम,
है करोडों आँख देखा ख़्वाब, यह झूठा नहीं है,
नाप लेंगें चाँद को भी हौसला टूटा नहीं है...

ले रहे हैं हम प्रदक्षिणा' रात दिन यह चाँद की ही
रोज़ ही होती रहेगी, बात चंदा आप से भी,
है समय शुभ साथ में पलछिन को'ई रूठा नहीं है,
नाप लेंगें चाँद को भी हौसला टूटा नहीं है...

भावना भट्ट
भावनगर, गुजरात
9/9/19



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2 years ago

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