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मेरे अल्फाज़

जादू चला दिया

bhagawati vyas

42 कविताएं

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तुम हंस दिये अगर तो, चमन खिलखिला दिया 
बलखा के बढ़ चले तो, नया सिलसिला दिया !!

थम सा गया है शोर,  हवाओं का अब यहां 
बिखरी हुई है मस्तियां, जादू चला दिया !!

गुनगुनाते भंवरे भी, भटके हैं राह को 
जाम तुमने सबको, नशे का पिला दिया !!

मदमाती हुइ खुशियां, तन मन पे हैं सजी 
भूल नहीं पायेंगे, ऐसा सिला दिया !!

सब कुछ समेट कर ही, इठला रहे हो तुम 
धरती, गगन सभी को, तुमने हिला दिया !!

तुम जैसे और भी हैं, इसे भूलना नहीं 
हमने दिया है प्यार, कोई कम नहीं दिया !!


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