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मेरे अल्फाज़

मुझको तू अपने साथ रख ले

basu harbansh

40 कविताएं

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मुझको तू अपने साथ रख ले,
तुम पर मैं कोई बोझ न दूंगा,
साथ मेरा है हवा से भी हल्के,

तुमसे दूर कैसे ये पहर बीते,
तेरे सिवाय मुझे कुछ न सूझे,
इंतजार में तेरे बंद न हो ये पल के,

बरसों की प्रीत इस दिल मे भर के,
चला हूँ मैं संभल संभल के,
तुझसे मिलके हर तरफ ये छलके,

संग तेरे सदा रहेंगे हम हँसते,
फूलों से भर जाए ये रस्ते,
देखो कभी कुछ दूर मेरे साथ चल के।

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