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मेरे अल्फाज़

किसी रोज गौर से देखो मुझे

basu harbansh

17 कविताएं

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किसी रोज गौर से देखो मुझे,
क्या दिखता है फिर कहो मुझे,

क्या पूछना है पूछो मुझसे,
मेरी नज़रें हर सवाल का जवाब दे रही है तुझे,

कोई राज न छुपाऊंगा तुझसे,
हर राज बताऊंगा कसम है मुझे,

अपने दिल में बसाया है तुझे,
जान से भी ज्यादा चाहा है तुझे,

मर्जी तेरी अपनी या ठुकरा मुझे,
कभी कोई शिकायत करूंगा ना तुझसे।

- बसु हरबंश


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