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मेरे अल्फाज़

दिल करता है

basu harbansh

21 कविताएं

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दिल करता है इन आँखों की गहरायों में उतर जाऊँ,
बना के घर अपना यहीं पर रह जाऊँ,

चलते चलते मैं तेरे संग आऊँ,
जहां पर हैं तेरा ठिकाना ठहर जाऊँ,

तुझको जो पसन्द है फूलों का जहां,
खुश्बू बन तेरे जहां में बिखर जाऊँ,

अपना रूप रंग सब तुझसे पाऊँ,
तेरी एक छुअन से निखर जाऊँ,

तेरा साया बन तुझमें यूँ समाऊं,
तुझसे जुदा हुआ तो मर ही जाऊँ।

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