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मेरे अल्फाज़

बहुत खूबसूरत हो तुम

basu harbansh

21 कविताएं

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बहुत खूबसूरत हो तुम,
किसी की तुम्हें नजर न लगे,

फीका लगता है तेरे आगे बहार भी,
फूलों को इसकी खबर न लगे,

बिखरती है तुझसे ही मेरे जहां में रौशनी,
जो तुझको न देखूं तो सहर, सहर न लगे,

साज हो तुम मेरे घर की,
जो तुम न हो तो घर, घर न लगे,

चाहे सारी दुनिया हो जाए बैरी,
जो तुम साथ हो तो किसी से डर न लगे।


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