आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   To mai kya krooo #4

मेरे अल्फाज़

तो मैं क्या करूं

Ashutosh Shukla

6 कविताएं

77 Views
चल मान लिया मुझसे कुछ बातों में वह अच्छा है
पर उसका इश्क नहीं मेरे जितना सच्चा है इश्क की इमारत बनी है उसकी पक्की
मेरा है ताजमहल पर थोड़ा कच्चा है
तुझे है शक तो जा कर पूछ ले मेरे दुश्मनों से वह भी बोलेंगे कि
"शुकुल" इसमें बहुत अच्छा है फिर भी तुझे मुझे देने
के लिए सिर्फ बेवफाई है तो बता मैं क्या करूं।।


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!