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मेरे अल्फाज़

गणतंत्र दिवस

Ashutosh Kumar

23 कविताएं

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गणतंत्र दिवस
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सत्तर साल का गणतंत्र हमारा
मानवता का स्तंभ है।
चार स्तभ्भों पर टिका हुआ
भारत का लोकतंत्र है।

26 जनवरी वह दिवस है
जब संविधान लागू हुआ।
एकता की सूत्र में बँधे रहने का
सभी के विचार पर हावी हुआ।

अनेकता में एकता की फूलवारी
भारतीय संविधान ने निखारी।
भारत को पहचान दिलाती
दुनिया में महान बनाती।

गणतंत्र दिवस पर बच्चो में
राष्ट्र प्रेम की ललक बढाती।
सभी को एक सूत्र में लपेटकर
खुद भारत माता कहलाती।

जन जन के मन में बसा
यह हमारा देश है
रास्ते भले ही बदल जायें हमारे
पर सीने में सभी के
भारत माता की जय है।
"आशुतोष"
पटना बिहार
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