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खुद को पहचानो

                
                                                                                 
                            खुद को पहचानों
                                                                                                


मानव तुम खुद को पहचानों
अंतर्मन की शक्ति को जानों
प्रकृति के अस्तित्व को मानों
परहित कार्य को श्रेष्ठ तुम जानों ।

मानव तुम खुद को पहचानों
आत्मशक्ति को तुम जगा लो
अध्यात्म के मार्ग को अपनाओ
श्रेष्ठ से उत्तर श्रेष्ठतर बन जाओ ।

मानव तुम खुद को पहचानों
समाज की गहराई में जाओ
विषमता का तुम शमन करो
समता के मार्ग को प्रशस्त करो।

मानव तुम खुद को पहचानों
हित अनहित के भेद को जानो
स्वार्थ भाव का क्षय कर डालो
स्वदेश प्रेम को श्रेष्ठ तुम जानो।

मानव तुम खुद को पहचानों
स्वार्थी लोगों के झांसे में न आओ
सिद्धान्तों को जीवन में अपनाओ
मानवता का तुम संदेश फैलाओ।

...अशोक
मुंबई


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4 years ago

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