आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Uski inayate

मेरे अल्फाज़

उसकी इनायतें

ashok kumar

77 कविताएं

2 Views
उसकी इनायतें और नेमतें ,बेसबब बेवजह तो बरसती नहीं
काश ऐसा होता तो बंदा कोई, इबादत कभी भी करता नहीं
वैसे तो वो है रहम दिल ,देता ही है, इबादत करो या न करो
नवाजिशे हैं अनगिनत ,उसका ध्यान दिल मेंं धरो या न धरो
पूरे संसार में है फैली  हवा ,और है भी ये हर किसी के लिए      
दिन भर सूरज की रोशनी भी है, सबको ऊर्जा  देने के लिए      
रात में चाँद  सितारों की चांदनी ,सुकूं दिल को देती है बहुत
बारिश की ठंडी  फुहारों का आनंद, तो है सबसे  ही अद्भुत
पानी जैसा लाभकारी तो, दुनिया मे दूसरा  कोई द्रव्य ही नहीं
सब उसकी नेमतें ही हैं, इनकी तुलना हो सकती है क्या कहीं

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!