आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

उदासी और गम

                
                                                                                 
                            मेरी उदासी और गम हिस्सों में बटते रहेंगे
                                                                                                

मेरे आँसू समंदर को नमकीन करते रहेंगे 
तू जब तक इससे निकल के नहीं आएगी
हम तुम्हारी तस्वीर उम्र भर तकते रहेंगे 

-आशीष माधव
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 months ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X